Tuesday, December 13, 2011

जीवन

मैं गिरता हूँ मैं उठता हूँ ..
मैं हँसता हूँ मैं रोता हूँ ..
मैं पाता हूँ मैं खोता हूँ ..
मैं दूरी हूँ ..मजबूरी हूँ ..
मैं सुर्ख लाल पीलापन हूँ ..
मैं जीवन हूँ ..मैं जीवन हूँ |

मैं कभी इतराता बादल हूँ ..
कभी मैं माँ का आँचल हूँ ..
मैं सिमटा सा आंसुओं में ..
तेरी आँखों का काजल हूँ
मैं चिलमिल सी उस गर्मी में ..
खुद को बरसाता सावन हूँ
मैं जीवन हूँ ..मैं जीवन हूँ |

मैं ख्वाब बनाता बाग़ सजाता ..
सपनो के वो पर फैलाता ..
टूटन को महसूस कर कभी ..
दुःख के गीत सुरों में गाता ..
मैं रंग रंग के रूप दिखा कर ..
सुलझने वाली उलझन हूँ ..
मैं जीवन हूँ मैं जीवन हूँ |

मैं जख्म सुनहरे देता हूँ ..
मैं दर्द भी गहरे देता हूँ
उत्तर की उम्मीद नहीं हो ..
प्रश्न वहाँ कर लेता हूँ |
तू आगे बढ़.. यूँ न डर ..
मैं मुक्त मुक्त सा बंधन हूँ ..
मैं जीवन हूँ मैं जीवन हूँ |

मैंने तुझको है जन्म दिया ..
मैंने तुझसे है प्रेम किया ..
सब कुछ तो एक धोखा है ..
क्या मैंने दिया ? क्या तूने लिया ?
जो आग उगलती विष फुंकारों में ..
शीतलता न तजे वो चन्दन हूँ ..
मैं जीवन हूँ ..मैं जीवन हूँ |

तू चलता जा तुझे चलना है ..
इन अंगारों में जलना है ..
इसमें छुपा है ख्वाब तेरा ..
जो फिर इस दिल में पलना है ..
मेरा हाथ पकड़ और चलते चल ..
मैं ही तेरा तन मन हूँ ..
मैं जीवन हूँ ..मैं जीवन हूँ |

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